I.N.D.I.A गठबंधन में वैचारिक मतभेद: चुनौतियां और घटनाएं
I.N.D.I.A गठबंधन में वैचारिक मतभेद: चुनौतियां और प्रमुख घटनाएं
I.N.D.I.A (Indian National Developmental Inclusive Alliance) विपक्षी दलों का एक ऐसा गठबंधन है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के कारण वैचारिक मतभेद स्वाभाविक रूप से देखे जाते हैं। हालांकि यह गठबंधन राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट होने का दावा करता है, लेकिन सदस्य दलों के बीच वैचारिक मतभेद कई बार खुलकर सामने आए हैं। आइए, ऐसी प्रमुख घटनाओं और विवादों पर नज़र डालते हैं।
1. समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC)
- संघर्ष: कांग्रेस जैसी पार्टियां समान नागरिक संहिता पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता को संतुलित करने की वकालत करती हैं, जबकि शिवसेना (उद्धव गुट) जैसे दल लंबे समय से इसके समर्थन में रहे हैं।
- उदाहरण: 2023 में UCC पर चर्चा के दौरान, कांग्रेस ने इसे सभी पक्षों से सहमति लेने की बात कही, वहीं शिवसेना ने इसे जल्द लागू करने की मांग की। इससे गठबंधन में विरोधाभास उजागर हुआ।
2. हिंदुत्व पर दृष्टिकोण
- संघर्ष: कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता का समर्थन करती है, जबकि शिवसेना जैसे दल हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर नरम रुख अपनाते हैं।
- उदाहरण: महाराष्ट्र में स्थानीय चुनावों के दौरान, शिवसेना ने क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा दिया, जो कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष छवि से टकराव का कारण बना।
3. आर्थिक नीतियों पर मतभेद
- संघर्ष: वामपंथी दल (जैसे CPI) समाजवादी नीतियों की वकालत करते हैं, जबकि कांग्रेस और कुछ क्षेत्रीय दल उदार और बाजारोन्मुखी सुधारों का समर्थन करते हैं।
- उदाहरण: सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण को लेकर CPI ने कड़ी आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस ने सुधारों के प्रति नरम रुख अपनाने की कोशिश की।
4. आरक्षण और सामाजिक न्याय नीति
- संघर्ष: DMK और RJD जैसे दल सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने की वकालत करते हैं, जबकि TMC जैसे दल विकास की राजनीति को प्राथमिकता देते हैं।
- उदाहरण: जाति आधारित आरक्षण को बढ़ाने की चर्चा के दौरान, DMK ने इस पर अनिच्छा जताने वाले दलों की कड़ी आलोचना की, जिससे गठबंधन में तनाव उत्पन्न हुआ।
5. क्षेत्रीय स्वायत्तता बनाम राष्ट्रीय एकता
- संघर्ष: TMC, DMK और SP जैसे क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों के मुद्दों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से ऊपर रखते हैं, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर एकता की कोशिश करती है।
- उदाहरण: पश्चिम बंगाल में, TMC ने कांग्रेस पर स्थानीय चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया, जिससे क्षेत्रीय स्वायत्तता को लेकर विवाद हुआ।
6. नीतियों पर भिन्न विचारधारा
- संघर्ष: GST, पर्यावरणीय नियम और कृषि सुधार जैसे मुद्दों पर मतभेद स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए। AAP और TMC ने कांग्रेस की GST कार्यान्वयन नीति की आलोचना की।
- उदाहरण: पंजाब में कृषि कानूनों के विरोध के दौरान, AAP ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए वैचारिक टकराव को उजागर किया।
7. सांप्रदायिक हिंसा पर रुख
- संघर्ष: कुछ दल सांप्रदायिक मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने की मांग करते हैं, जबकि अन्य अपने मतदाता आधार को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाते हैं।
- उदाहरण: 2024 में मणिपुर में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान कांग्रेस ने देशव्यापी अपील बनाए रखने के लिए संयमित रुख अपनाया, जबकि RJD ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।
निष्कर्ष:
I.N.D.I.A गठबंधन के भीतर वैचारिक मतभेद इसकी बहुलतावादी ताकत को दर्शाते हैं, लेकिन ये राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता पेश करने में बाधा भी बन सकते हैं। इन मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रभावी समन्वय और समाधान तंत्र की आवश्यकता है, जिससे गठबंधन की स्थिरता और प्रभावशी
Comments
Post a Comment